YO YO TEST क्या होता है? हार्दिक पांड्या स्कोर कर हुए पास, पृथ्वी क्यों हुए फेल

What is YO YO Test: इंडियन प्रतिभा लीग के नाम से मशहूर आईपीएल अब ज्यादा दिन दूर नहीं है. 15वें सीजन का आगाज 26 मार्च से होगा. मैच के शुरू होने से पहले बीसीसीआई ने खिलाड़ियों का यो-यो (YO YO TEST) टेस्ट करवाया है. इस यो-यो टेस्ट (YO YO TEST) में पूर्व भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (HARDIK PANDYA) बड़े ही आसानी से पास हो गए. वहीं दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी पृथ्वी शॉ इस टेस्ट को पास नहीं कर पाए.

यह टेस्ट बेंगलुरु के नेशनल क्रिकेट अकादमी में होता है. जिस भी खिलाड़ी के पास बीसीसीआई का कॉन्ट्रेक्ट होता है उस यो-यो टेस्ट (YO YO TEST) पार करना ही होता है. अगर ऐसा करने वा असफल होता है तो वो खिलाड़ी कोई भी और मैच नहीं खेल सकता है.

Read Also: HARDIK PANDYA ने पास किया YOYO टेस्ट, 140 की स्पीड से डाले 15 ओवर…

इन हालातों कि वजह से फेल हुए पृथ्वी शॉ

पिछले कुछ वक्त से पृथ्वी शॉ की फॉर्म काफी ज्यादा खराब है. साथ ही उनकी फिटनेस भी एक वजह है. जिस वजह से वो टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं. यो-यो टेस्ट में खिलाडियों को 23 में से 16.5 अंक लाने होते हैं. मगर पृथ्वी 15 अंक भी नहीं ला पाए.

आखिर होता क्या है यो-यो टेस्ट

आपको बता दें कि यो-यो टेस्ट के अपने में ही 23 लेवल होते हैं. खिलाड़ियों के लिए यह टेस्ट 5वें लेवल से शुरू होता है. पूरी प्रकिया सॉफ्टवेयर पर जांची जाती है. इस टेस्ट के दौरान कोन की मदद से 20 मीटर की दूरी पर दो लाइन बनाई जाती है. इस टेस्ट में खिलाड़ियों को एक लाइन से दूसरी लाइन तक दौड़ना होता है. इसे तकनीकी भाषा में शटल कहते हैं. इस प्रकिया को पूरा करने के लिए एक तय समय सीमा निर्धारित की गई है.

Read Also: धोनी की कप्तानी में सबसे बड़े मैच विनर थे ये 2 खिलाड़ी, कोहली के कप्तान बनते ही हुए फ्लॉप

इस टेस्ट में खिलाड़ी लगाता इन दो कोन की लाइन में दौड़ता रहता है. इस दौरान जब बीप बजती है तो खिलाड़ियों को कोन वाली लाइन में मुड़ना होता है. जैसे-जैसे टेस्ट लेवल बढ़ाया जाता है. रनिंग की दूरी भी बढ़ जाती है. इस टेस्ट के दौरान अगर खिलाड़ी लगातार अपने रनिंग को तेज नहीं कर पाता है तो वो टेस्ट रोक दिया जाता है. आपको बता दें कि इस टेस्ट में अभी तक कोई भी खिलाड़ी 23 लेवल को पार नहीं कर पाया है.

आसान भाषा में कहा जाए तो इस टेस्ट में खिलाड़ी को एक कोन से दूसरे कोन पर पहुंचकर जल्दी से वापस पहले कोन वाली लाइन पर आना होता है. इसे एक शटल कहा जाता है.

Read Also: Gautam Gambhir ने चुनी क्रिकेट इतिहास की सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग 11, इस भारतीय को कप्तानी देकर किया हैरान

किस देश में किता स्कोर है जरूरी

भारत में इसे पास करने के लिए 16.5 स्कोर रखा गया है. वहीं इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में इसका स्कोर 19 है. हैरान करने वाली बात ये है कि श्रीलंका और पाकिस्तान भी हमसे आगे हैं. इन देशो में 17.4 स्कोर रखा गया है. साउथ अफ्रीका में इस टेस्ट को पास करने के लिए 18.5 स्कोर रखा गया है.

कहां से हुई थी इसकी शुरुआत?

इस टेस्ट को शुरू किया था डेनमार्क एक फुटबॉल फिजियो जेन्स बैंग्सबो ने. इसे फुटबॉल ही नहीं कई और गेम्स में भी अप्लाई किया गया. क्रिकेट में इसे सबसे पहले ऑस्ट्रलिया ने अपनाया था. इस टेस्ट का मकसद क्रिकेट में ये जांचना होता है कि आखिर खिलाड़ी 100 रनों के बाद भी 3 रन भाग सकता है कि नहीं? क्या उसकी फिटनेस मैच में खेलने लायक है कि नहीं?

Read Also: Hardik Pandya को IPL में खेलने की अनुमति नहीं दे रहा है BCCI, रखी हैं ये मुश्किल शर्तें

English Summary

What is Yo YO Test? How much score Player need to pass it.

error: Content is protected !!