फ्लैट पिच पर ‘Bazball’ क्रिकेट खेल लोगे, जहां टर्न-स्विंग होगी वहां क्या पकोड़े तलोगे?

Bazball: क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. शायद इसलिए ही इसे इतना पसन्द भी किया जाता है. मंगलवार को इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अच्छा रन चेस कर लिया. जिसके बाद भारतीय टीम को बहुत गालियां पड़ीं. थोड़ी तो पड़नी भी चाहिए मगर क्रिकेट का खेल ही ऐसा है दो टीमें खेलती हैं. जिसमें एक टीम अच्छा खेलती है तो दूसरी हार जाती है. मगर कभी-कभी दोनों ही टीमें अच्छा खेलती हैं. ऐसे में भी एक टीम तो हारेगी ही न.

कुछ ऐसा ही एजबेस्टन टेस्ट में भी हुआ. जहां देखा जाए तो दोनों ही टीमों ने अच्छा खेल दिखाया. मगर अंत अच्छा इंग्लैंड ने किया. इंग्लैंड की इस जीत के बाद ‘बैजबॉल’ (Bazball) शब्द का इस्तेमाल बहुत हो रहा है. कहा जा रहा है कि इंग्लैंड ने अब ‘बैजबॉल’ क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया है. अब उसे रोकना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. तो आपको बता दें कि आखिर ये बैजबॉल क्रिकेट होता क्या है.

ब्रेंडन मैकुलम को प्यार से बैज बुलाया जाता है. ब्रेंडन मैकुलम हर हालात में आक्रामर रवैये से बल्लेबाजी करते थे. आक्रमण करना तेजी से रन बनाना और गेंदबाजों को दबाव में लाना ये उनकी नीति थी. जब से मैकुलम कोच बने हैं तब इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट में भी टी-20 की तरह खेल रही है. इसे ही वो ‘बैजबॉल’ क्रिकेट का नाम दे रही है.

इस आक्रमक रणनीति को अपनाने के बाद इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 मैचों में शानदार रन चेस किया था. दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में कप्तान स्टोक्स और जॉनी बेयरस्टो ने 16 ओवर में 150 से अधिक रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम को हराया था. यही ‘बैज़बॉल’ क्रिकेट है. मगर गौर करने वाली बात यही है कि ‘बैजबॉल’ क्रिकेट आसान शब्दों में लप्पा क्रिकेट ही है.

भारतीय पिचों पर कैसे खेलेंगे ‘Bazball’, सिर्फ घर में ही बना सकते हैं फ्लैट पिच

‘बैजबॉल’ क्रिकेट आसान शब्दों में लप्पा क्रिकेट ही है. मतलब आओ और अंधी चलाते जाओ. इंग्लैंड ने इस तरह से खेलकर अभी तक 4 टेस्ट मैच तो जीत लिए हैं मगर वो सारे के सारे इंग्लैंड में ही थे. ऐसे में सवाल यही है कि भारतीय पिच पर जैसे ही टर्न होती है इंग्लैंड के बल्लेबाजों की घिघ्गी बंध जाती है. तो क्या वो टर्निंग पिच पर भी लप्पा लगाकर खेल ले जाएंगे? वहीं ऑस्ट्रेलिया की पिच पर उछाल होता है क्या वो वहां भी अंधी मार सकते हैं ये बहुत बड़ा सवाल है.

जिन ब्रेंडन मैकुलम को इंग्लैंड भगवान मान रही है आपको बता दें कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में महज 38 की औसत से ही रन बना रखे हैं. इसके अलावा इंग्लैंड ने अभी तक जितने भी मैच जीते हैं वो जॉनी बेयरस्टो और जो रूट के दम पर ही जीता है. दोनों की फॉर्म में जैसे ही गिरावट आएगी इंग्लैंड का ‘बैजबॉल’ फेल हो जाएगा.

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