घमंड तो रावण का नहीं रहा कोहली तो सिर्फ ‘विराट’ ही हैं

विराट कोहली (Virat Kohli) उस जिद्दी बच्चे की तरह हैं जिन्हें कितने भी थप्पड़ क्यों ही न लगा लो करेंगे अंत में वो गलत ही काम.

ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि विराट कोहली बीती रात एक बार फिर से इंग्लैंड के खिलाफ कवर ड्राइव लगाते हुए आउट हो गए.

Lords के मैदान पर खेले गए दूसरे ODI मुकाबले में विराट कोहली (Virat Kohli) ने कुल 25 गेंद खेली. इन 25 गेंदों में से 16 गेंदों पर उन्होंने ड्राइव लगाया. हालांकि इस दौरान उन्होंने 3 चौके भी लगाए. मगर उनकी ऐसी हालत देखकर दया आ रही है. जहां उनके पास ड्राइव करने के अलावा कोई और शॉट ही नहीं है. पिछले कुछ वक्त से फैंस खुद को ये बात कहकर दिलासा दे रहे थे कि चीकू की किस्मत खराब चल रही है.

मगर असल में उनकी जंग मानसिक तौर पर खुद से है अब. वो ड्राइव पर इतनी बार आउट हो चुके हैं कि उनमें इगो आ गया है कि ऐसे कैसे वो बार-बार ड्राइव पर आउट हो जाते हैं. वो दुनिया को प्रूफ करना चाहते हैं कि वो कवर ड्राइव पर ही रन बनाएंगे. लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है. जल्दी ही उन्होंने अपना बैकफुट गेम नहीं सुधारा तो वो टीम इंडिया के दामाद नहीं है जो बिना रन बनाए खेलते रहेंगे.

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आपको बता दें कि विराट कोहली ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट में खूब रन बनाए थे तो फ्लिक शॉट उनका एक बड़ा हथियार हुआ करता था. मगर अब विराट अपने पुराने शॉट्स खेलना ही नहीं चाहते हैं. वो किसी भी लेंथ की गेंद क्यों न हो बस उसे कवर ड्राइव ही करना चाहते हैं.

फिल्हाल उन्हें ऐसा देखकर दुख होता है. मगर यही नेचर का नियम है वक्त के साथ बेहतर होते रहो. विराट कोहली अब बेहतर होते हुए नहीं नजर आ रहे हैं. उन्हें काउंटी में वापसी कर लेनी चाहिए और तकनीक पर काम करना चाहिए. इसमें कोई बुराई नहीं है. खेल में हठ की कोई जगह नहीं है.

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