चोटिल सुंदर की जगह शाहबाज टीम इंडिया में शामिल, रोचक है इंजीनियर से क्रिकेटर बनने की कहानी

आईपीएल में प्रदर्शन बीसीसीआई के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, वॉशिंगटन सुंदर जिम्बाब्वे सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनके बाएं कंधे में चोट है जो उनको रॉयल लंदन कप मुकाबले में लगी थी। उन्हें एनसीए में रिहैब करना होगा। 27 वर्षीय ऑलराउंडर शाहबाज हरियाणा के मेवात जिले से आते हैं। वह बाएं हाथ से ऑर्थोडॉक्स बॉलिंग के अलावा बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। उन्होंने अभी तक कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है। आईपीएल के 29 मुकाबलों में उन्होंने 36.3 के औसत से 13 विकेट चटकाए हैं। जबकि बल्लेबाजी में उन्होंने 118.72 के स्ट्राइक रेट के साथ 279 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 18.6 रहा है।

आईपीएल में प्रदर्शन बीसीसीआई के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, वॉशिंगटन सुंदर जिम्बाब्वे सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनके बाएं कंधे में चोट है जो उनको रॉयल लंदन कप मुकाबले में लगी थी। उन्हें एनसीए में रिहैब करना होगा। 27 वर्षीय ऑलराउंडर शाहबाज हरियाणा के मेवात जिले से आते हैं। वह बाएं हाथ से ऑर्थोडॉक्स बॉलिंग के अलावा बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। उन्होंने अभी तक कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है। आईपीएल के 29 मुकाबलों में उन्होंने 36.3 के औसत से 13 विकेट चटकाए हैं। जबकि बल्लेबाजी में उन्होंने 118.72 के स्ट्राइक रेट के साथ 279 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 18.6 रहा है।

2.40 करोड़ में आरसीबी ने खरीदा आईपीएल 2022 में शाहबाज ने 16 मैच खेले और 27.38 की औसत और 120.99 के स्ट्राइक रेट से 219 रन बनाए हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर 45 रन रहा है। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने 9.60 की इकोनॉमी से 4 विकेट अपने नाम किए। शाहबाज को आरसीबी ने 2020 में 20 लाख रुपये में खरीदा था। यूएई में खेले गए 13वें सीजन में उन्हें सिर्फ 2 ही मुकाबले खेलने का मौका मिला था। इनमें उन्होंने 2 विकेट चटकाए थे और 1 रन बनाया था। आईपीएल 2021 में उन्होंने 11 मैच खेले 7 विकेट लिए, साथ ही 59 रन भी बनाए। आईपीएल के 15वें सीजन में उनका बेस प्राइस 20 लाख रुपये था लेकिन मेगा ऑक्शन में आरसीबी ने शाहबाज को 2 करोड़ 40 लाख रुपये में खरीदा था।

रोचक है क्रिकेटर की कहानी शाहबाज के क्रिकेटर बनने की कहानी काफी रोचक है। हरियाणा के मेवात जिले के रहने वाले शाहबाज के पिता अहमद जान हरियाणा में एसडीएम के रीडर हैं। उन्होंने अपनी नौकरी और बच्चों की अच्छी शिक्षा की खातिर शहर में रहने का फैसला लिया। पिता की चाह थी कि शाहबाज इंजीनियर बने, लेकिन शाहबाज क्रिकेटर बनना चाहते थे। पिता ने शाहबाज का फरीदबाद के कॉलेज में उनका एडमिशन भी कराया। यह वह क्लास छोड़कर क्रिकेट खेलते थे। जब पिता को इस बात की भनक लगी तो उन्होंने बेटे से कहा कि वह क्रिकेट या इंजीनियरिंग में से किसी एक चुने, लेकिन उसी चीज पर मन लगाए। पिता के कहने के बाद शाहबाज ने क्रिकेट को चुना। बता दें कि शाहबाज के दादा जी भी क्रिकेटर थे।

बंगाल के लिए किया शानदार प्रदर्शन पिता से हामी मिलने के बाद आप शाहबाज पूरी तरह क्रिकेट के लिए समर्पित हो गए थे। उन्होंने गुड़गांव की एक क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग शुरू की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद वह अपने दोस्त प्रमोद चंदीला के कहने पर बंगाल चले गए। बंगाल में ही चंदीला भी एक क्लब की ओर से खेला करते थे। बंगाल के घरेलू मैचों में शानदार प्रदर्शन करने का फल शाहबाज को 2018-19 में मिला। इस साल उनका चयन बंगाल रणजी टीम के लिए हुआ। इसके बाद 2019-20 में उन्हें इंडिया-ए टीम में चुना गया।

 

error: Content is protected !!