भारतीय इतिहास की सबसे कमजोर टीम है ये, वजह द्रविड़ हैं: रवि शास्त्री

मंगलवार को खेले गए टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में ही टीम इंडिया  को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। भारत को हराकर ऑस्ट्रेलिया 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना चुकी है।

ऑस्ट्रेलिया की इस जीत में टीम इंडिया के गेंदबाजों का अहम योगदान रहा, क्योंकि एक बार भारतीय गेंदबाज विपक्षी टीमों के बल्लेबाजों पर जमकर रन लुटाते हुए दिखे। गेंदबाजी के अलावा भारत की फील्डिंग ने भी सभी को दुखी कर दिया।

मोहाली में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय फील्डिंग को देखते हुए टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री काफी ज्यादा हैरान रह गए। उन्होंने इस मुकाबले के बाद टीम इंडिया  को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

टीम के फील्डिंग से नाराज हुए पूर्व कोच

टीम इंडिया को मोहाली में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में ही ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 209 रनों का लक्ष्य रखा था।

ऐसा पहली बार हुआ था कि टीम इंडिया (Team India) ने ऑस्ट्रेलिया के सामने टी20 फॉर्मेट में 200 का आंकड़ा पार किया हो। इस मुकाबले में खराब शुरूआत के बावजूद मिडिल ऑर्डर ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की 71 रनों की पारी ने टीम को 200 का आंकड़ा पार करने में अहम भूमिका निभाई।

टीम इंडिया (Team India) की बल्लेबाजी तो अच्छी रही लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग से सबी को दुखी कर दिया। जहां एक तरफ गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर जमकर रन लुटाते दिखे तो वहीं दूसरी तरफ फील्डर्स कैच छोड़कर विपक्षी बल्लेबाजों को जीवनदान दे रहे थे।

टीम इंडिया की इस तरह की फील्डिंग देखते हुए पूर्व कोच रवि शास्त्री भी हैरान रह गए। उन्होंने टीम इंडिया (Team India) को अपने निशाने पर लेते हुए लताड़ भी लगाई।

रवि शास्त्री ने टीम को लगाई लताड़

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले ही टी20 मुकाबले में मिली हार का मुख्य कारण खराब गेंदबाजी के साथ फील्डिंग भी रही।

भारत ने इस मुकाबले में कैमरन ग्रीन और मैथ्यू वेड के कैच छोड़े, और उन्हीं दो बल्लेबाजों ने इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए भारत के मुंह से जीत छीन ली। टीम इंडिया (Team India) की इस खराब फील्डिंग को देखते हुए पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा-

“अगर आप पिछले कुछ वर्षों में भारत की सभी अच्छी टीमों को देखें, तो वहां युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का समोयोजन दिखता है। इस टीम से युवा गायब हैं और इसलिए फील्डिंग खराब है। यदि आप पिछले पांच-छह वर्षों में फील्डिंग के हिसाब से देखें, तो मुझे लगता है कि यह टीम सबसे कमजोर है। बड़े टूर्नामेंटों में इससे भारत का खेल बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। इसका मतलब है कि बल्लेबाजी के दौरान आपको 15-20 रन ज्यादा बनाने की जरूरत है। इस टीम में रवींद्र जडेजा नहीं हैं। वह चमक और एक्स फैक्टर कहां है?”

रवि शास्त्री ने टीम इंडिया  की फील्डिंग को देखते हुए ये भी कहा था कि अगर भारत को बड़ी टीमों को हराना है तो कुछ बड़े बदलाव करने जरूरी हैं।

200 के आंकड़े के बावजूद हार गया भारत

पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया (Team India) ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 209 रनों का लक्ष्य दिया। भारत की तरफ से शुरूआत खराब होने के बावजूद उपकप्तान के एल राहुल ने पारी को संभालते हुए 35 गेंदों में 4 चौके और 3 छक्को की मदद से 55 रनों की पारी खेली थी।

इस मुकाबले में विराट कोहली का बल्ला फिर से एक बार खामोश रहा। वहीं सूर्यकुमार यादव ने के एल राहुल के साथ मिलकर 42 गेंदों में 68 रनों की साझेदारी बनाई। के एल राहुल के आउट होने के बाद सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या के बीच 10 गेंदों में 23 रनों की साझेदारी हुई।

इन दो साझेदारी ने टीम इंडिया (Team India) के स्कोर को मजबूत कर दिया था। हालांकि 200 का आंकड़ा पार करने के बावजूज ऑस्ट्रेलिया ने 19.2 ओवर में ही जीत दर्ज करने में कामयाब हो गयी।

ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सलामी बल्लेबाज कैमरन ग्रीन ने सर्वाधिक 30 गेंदों में 8 चौके और 4 छक्को की मदद से 61 रनों की पारी खेली थी। वहीं मैथ्यू वेड ने भारतीय गेंदबाजों की छक्के छुड़ाते हुए 21 गेंदों में 6 चौके और 2 छक्को की मदद से 45 रन बनाकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

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