‘सचिन-सहवाग की वजह से मेरा करियर छोटा हो गया’, बोले- Rahul Dravid

भारत के पूर्व शानदार खिलाड़ी और वर्तमान में मुख्य कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने अपने क्रिकेट सफर पर एक बड़ा खुलासा किया है। महान क्रिकेटरों में से एक द्रविड़ के नाम 48 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। क्रिकेट के मैदान पर राहुल द्रविड़ को अक्सर गंभीर मुद्रा में देखा गया, लेकिन खुद को इस स्थिति में उन्होंने कैसे ढाला शायद ही कोई जानता हो। वहीँ अब उन्होंने इस पर खुलासा किया है।

द्रविड़ ने तय की हद

राहुल द्रविड़ ने खुलासा किया है अपने क्रिकेट सिच्केट सफर के दौरान वह कभी भी सचिन तेंदुलकर और वीरेंदर सहवाग जैसे खुलकर खेल नहीं सका। उन्होंने अपनी हदें तय कर अपने दौर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों से निपटने का तरीका तलाश किया। एक बातचीत के दौरान द्रविड़ ने कहा कि ‘मैं ईमानदारी से बताऊँ तो मैं सहवाग जैसा कभी बनने वाला नहीं था। उन्होंने अपने पर लगाम लगाना आसान था, लेकिन मैं उस लेवल पर नहीं पहुंचने वाला था। मैं कब आक्रामक हो रहा था मुझे इसका एहसास था। मुझे इस पर लगाम लगाने का तरीका तलाश करना था, लेकिन मानसिक पक्ष होने के कारण मुझे खुद पर काम करने की ज़रूरत थी।”

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राहुल द्रविड़ आगे कहा ‘ क्रिकेट के सफर में जैसे-जैसे आगे बढ़ा, मुझे महसूस हुआ की मैं सहवाग की तरह जल्दी स्कोरिंग या एक हद तक सचिन की तरह कभी नहीं बनने वाला था। मुझे गेंदबाज और अपने बीच प्रतियोगिता अच्छी लगती थी और मैंने इसको आमने-सामने की टक्कर बनाने की कोशिश की, जिससे मुझे थोड़ा और फोकस करने में हेल्प मिली।

राहुल द्रविड़ का सफर

बता दें कि राहुल द्रविड़ को भारतीय टीम की मज़बूत दीवार के तौर पर जाना जाता था, क्योंकि उनको आउट करना बेहद मुश्किल होता था। वहीँ अगर उनका करियर देखें, तो इस खिलाडी ने 344 वनडे, 164 टेस्ट और 1 टी20 मैच खेल, क्रमशः 10889 रन, 13288 रन और 31 रन बनाए हैं।

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