Yuvraj Singh का खुलासा…Sachin से जलते थे Dravid,194 रनों पर कर दी पारी घोषित

India Could Have Declared After Sachin Tendulkar’s 200, Says Yuvraj Singh on Rahul Dravid’s Multan Test Declaration: 20वीं शताब्दी की शुरुआत में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने भारत के लिए अहम पारियां खेली थीं. इन्हीं पारियों में से एक थी पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट (Multan Test Sachin’s 194) में खेली गई सचिन तेंदुलकर की 194 नाबाद रनों की पारी. जिस की बदौलत ने भारत ने पाकिस्तान को उसी के घर में धूल चटाई थी.

ये तीन मैचों की सीरीज थी. पहले ही टेस्ट में भारत ने 5 विकेट के नुकसान पर 675 रन बनाए थे. सचिन पाजी 194 रनों पर नाबाद आए थे. उन्हें अपने दोहरे शतक लिए महज 6 रन चाहिए थे मगर तभी राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का माथा ठनका और उन्होंने पारी को घोषित कर दिया था. इसी बात पर अब युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है.

ड्रेसिंग रूम से आया तेज खेलने का संदेश

आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपनी आत्मकथा ‘प्लेइंग इन माई वे’ में भी जिक्र किया था कि वो द्रविड़ के इस फैसले से कितना परेशान थे. जिसके बाद सचिन ने राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को लताड़ भी लगा दी थी. तो अब युवी ने कहा कि उस मैच में राहुल द्रविड़ को पारी एक दो ओवर घोषित करनी चाहिए थी. हमें बीच में संदेश मिल गया था कि तेज खेलना है और हम वो ही कर भी रहे थे. Read More: पढ़िए ‘फुलटॉस गेंद’ पर आउट होने के बाद अब Rishabh Pant ने क्या बहाना दिया है?

मगर तभी राहुल द्रविड़ के दिमाग में पता नहीं क्या आया कि उसने पारी घोषित कर दी. जबकि अगर सिर्फ एक ओवर और सचिन को मिलता तो वो अपना दोहरा शतक लगा सकते थे. दिन के 12 ओवर अभी भी बाकी थे. साथ ही वो टेस्ट मैच का दूसरा ही दिन था ऐसे में अगर मैच का 4 या 5 दिन होता तो बात समझ आती थी कि राहुल ने इतनी जल्दबाजी क्यों की. मगर उस वक्त उनका फैसला मात्र और मात्र सिर्फ जलन से भरपूर था. आपको बता दें कि इस मैच में युवराज सिंह ने 66 गेंदों पर 59 रनों अच्छी पारी खेली थी. भारत ने इस मुकाबले को एक पारी और 52 रनों से जीता था.

भारत के लिए 100 टेस्ट मैच खेलना चाहते थे युवराज सिंह 

युवराज का व्हाइट बॉल करियर तो शानदार रहा है. मगर रेड बॉल मैच में वो देश के लिए कुछ खास नहीं कर पाए. इन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट में 1900 रन बनाए इस दौरान उन्होंने 3 शतक भी लगाए. मगर दिग्गजों की वजह से उन्हें टीम का हिस्सा रेगुलर तौर पर नहीं बनाया गया था. साल 2008 में जब गांगुली रिटायर हुए तो युवराज सिंह की वापसी हुई थी टेस्ट टीम में. मगर तब वो कैंसर के चपेट में आ गये थे. युवराज सिंह (Yuvraj Singh) कहते हैं कि उनका सपना था कि वो भारत के लिए 100 टेस्ट मैच खेलें. दो-दो दिन बल्लेबाजी करें मगर वो सच नहीं हो पाया.

Source: Latestly

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