शतक फिर लगाया तिहरा शतक, अब 36 गेंदों पर 91 रन बना मचाई तबाई, फिर भी एशिया कम में नहीं मिला मौका

भारत में बहुत सारे ऐसे क्रिकेटर मौजूद है जो घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छी प्रदर्शन करते है, फिर उन्हें टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका मिलता है। वहीं कुछ क्रिकेटर अच्छी प्रदर्शन के बावजूद भी भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाते हैं, इस वजह से उन्हें बहुत दुख होता होगा।

इंडिया में जब से आईपीएल की शुरुआत हुई है तब से इस लीग के द्वारा बहुत सारे युवाओं को भारत के लिए खेलने का मौका मिला है। इस वजह से इंडियन प्रीमियर लीग खेलना हर खिलाड़ियों का सपना होता है। आज हम एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में बात करने जा रहे हैं जिन्होंने शतक और तिहरा शतक लगाया। उसके बाद अब तूफानी अंदाज में 91 रनों की नॉट आउट पारी खेली है, लेकिन उसके बावजूद भी उन्हें टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं दिया जा रहा है।

इस बल्लेबाजी ने खेली तूफानी पारी

भारत में इन दिनों महाराजा ट्रॉफी टी-20 लीग खेला जा रहा है और इस लीग का सातवां मुकाबला हबली टाइगर्स और मैसूर वारियर्स के बीच खेला गया। उस मैच में मैसूर टीम के कप्तान करुण नायर ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की है, जिसमे उन्होंने कई आकर्षक शॉट खेले हैं, जिस वजह से उनकी टीम मैच जीतने में सफल रही।

उस मैच में करुण नायर कुल 52 गेंदों का सामना करते हुए 91 रनों की नाबाद पारी खेली है, जिसमे उनके बल्ले से 11 चौके और तीन गगनचुंबी छक्के देखने को मिले हैं। उस पारी के दौरान 91 रन बनाने के लिए करुण नायर ने मात्र 36 गेंदों का सहारा लिया। क्योंकि उन्होंने चौके और छक्के की मदद से सिर्फ 14 गेंदों में 62 रन बना दिए।

उसके बाद करुण नायर 15 सिंगल और 7 डबल की मदद से 29 रन दौड़कर पूरा किया। इस तरह नायर 91 रन बनाने के लिए 52 में से सिर्फ 36 गेंदों का सहारा लिया, उसके बाद 16 गेंद उन्होंने डॉट खेली। इसी वजह से उनकी टीम मैसूर वारियर्स को 10 विकेट से बड़ी जीत मिली है।

भारत के लिए जड़ चुका तिहरा शतक

करुण नायर भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों की 7 पारियों के दौरान बल्लेबाजी की है। उस दौरान उन्होंने 62.33 की औसत से कुल 374 रन बनाया है। करुण नायर उस दौरान एक शतक लगाने में सफल हुए, जिसे उन्होंने तिहरा शतक में कन्वर्ट किया। लेकिन उसके बाद नायर को भारत के लिए खेलने का मौका मिलना पूरी तरह से बंद हो गया। इस वजह से कई बार उनके फैंस इंडियन सलेक्टर्स पर अपनी भड़ास भी निकालते हैं, लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।

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