Who is Abhinav Manohar कौन हैं? पिता चलाते हैं जूते की दुकान, 7 गेंद की पारी में जिताया मैच

Who is Abhinav Manohar Sadarangani: इंडियन प्रीमियर लीग एक ऐसी लीग है. जहां प्रतिभा को अवसर प्राप्त होता है. ‘यत्र प्रतिभा अवसर प्राप्नोति’.

इस लीग में कुछ ही बॉल पर कई खिलाड़ियों की किस्मत पलट जाती है. गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जाइंट्स के बीच हुए मुकाबले के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ. लखनऊ के खिलाफ जब मैच रोमांचक हो रहा था. तभी गुजरात टाइटन्स के तरफ से बल्लेबाजी करने आए अभिनव मनोहर सदारंगानी (Abhinav Manohar Sadarangani). इन्होंने मात्र 7 गेंदों पर मैच पलट दिया. Read More: Yuzvendra Chahal: नीलामी में लेने का वादा किया, पर बोली नहीं लगाई, RCB ने किया धोखा

Abhi Manohar with Manish Pandey
Abhi Manohar with Manish Pandey

बता दें कि गुजरात टाइटन्स को लखनऊ के खिलाफ आखिरी 30 गेंदों में 68 रनों की जरूरत थी. डेविड मिलर और राहुल तेवतिया इस दौरान ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे थे. तभी डेविड मिलर का विकेट गिर गया जिसके बाद बल्लेबाजी के लिए आए अभिनव मनोहर.

Gujarat Titans

अभिनव मनोहर ने राहुल तेवतिया के साथ मिलकर मैच को खत्म किया. अभिनव मनोहर ने 7 बॉल खेली इसमें 15 रन बनाए. Read More: Ayush Badoni: कौन है 22 साल का ये युवा बल्लेबाज, जिसने लखनऊ की लाज बचाई

इन 15 गेंदों में 3 चौके शामिल थे. अभिनव मनोहर कि यह 15 रन किसी दूसरे बल्लेबाज के 50 रनों से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है. क्योंकि अगर वहां विकेट गिरता या डॉट बॉल होती तो लखनऊ के पाले में मैच जा सकता था.

मैच खत्म होने के बाद गुजरात टाइटंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने कहा कि आप सभी को भविष्य में अभिनव मनोहर का नाम और भी ज्यादा सुनने को मिलेगा. क्योंकि अभिनव मनोहर एक शानदार प्लेयर है. जो अपने खेल से कोच ही नहीं हर किसी को प्रभावित कर रहा है.

बताते चलें कि गुजरात टाइटंस ने अभिनव मनोहर को मेगा नीलामी के दौरान 2.6 करोड़ में खरीदा था. अभिनव अभी युवा हैं इनकी उम्र महज 27 साल है. घरेलू क्रिकेट में ये कर्नाटक के लिए खेलते हैं.

अभिनव मनोहर ने सय्यद मुश्तक अली ट्रॉफी 2021 में कर्नाटक के लिए इन्होंने टी-20 डेब्यू किया था. इस दौरान इस बल्लेबाज का प्रदर्शन काफी ज्यादा शानदार रहा. अभिनव ने 4 मैचों में 54 की औसत से 162 रन बनाए थे. 162 में एक 70 रनों की शानदार मैच जिताऊ पारी भी आई थी. जो उन्होंने क्वार्टर फाइनल में खेली थी.

अभिनव मनोहर (Abhinav Manohar Sadarangani) की कहानी अगर और ध्यान से जानेंगे तो आपको पता लगेगा कि उनकी चचेरी बहन भी क्रिकेट खेला करती है. अभिनव की बहन जर्मनी की महिला क्रिकेट टीम की सदस्य है. सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में इस बार अभिनव मनोहर ने काफी ज्यादा रन बनाए थे.

तो वही अभिनव के पिता एक जूते की दुकान चलाते हैं. जबकि उनके एक दोस्त कपड़ों का काम करते हैं. दोनों की दोस्ती के कारण ही अभिनव मनोहर एकेडमी तक पहुंच पाए. उनका करियर इस फील्ड में इन दोस्तों की वजह से ही बना है. आईपीएल में आने के बाद अब उनकी किस्मत एक बार तो पलटी है. अब दुनिया भर की निगाह उन पर है.

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