‘रेंग-रेंगकर खेलने से कोई फायदा नहीं, रन ही मायने रखते हैं कितनी गेंद खेली वो नहीं’

1 जुलाई को भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने अपने बल्लेबाजी से सबका दिल जीत लिया. टेस्ट क्रिकेट में T20 के शॉट खेलकर कैसे बल्लेबाजी की जाती है ये उन्होंने कल सबको दिखाया. ऋषभ पंत ने 89 गेंदों पर शानदार शतक जड़कर हर किसी को अपना फैन बना लिया. ये शतक तब आया जब भारत का स्कोर एक वक्त पर 98 रन 5 विकेट था. सारे के सारे दिग्गज पॉवेलियन जा चुके थे.

ऋषभ पंत ने भारत की टेस्ट मैच में फाइटबैक करवाई. इन्होंने कुछ अद्भुत शॉट्स लगाए. जेम्स एंडरसन को तो उन्होंने आधी क्रीज पर आ-आकर पेला.


दिन खत्म होने के बाद अब ऋषभ पंत ने खुद बताया है कि आखिर वो क्यों जेम्स एंडरसन को आगे बढ़-बढ़कर मार रहे थे. (Rishabh Pant/ Anderson Battle)

पंत ने कहा, “टेस्ट क्रिकेट में डिफेंस पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है. अच्छी गेंद को सम्मान देना और खराब गेंद को हिट करना महत्वपूर्ण है. इंग्लैंड में (इंग्लिश परिस्थितियों) एक गेंदबाज की लेंथ को बिगाड़ना महत्वपूर्ण है. यही कारण है कि कभी आगे तो कभी पीछे जाकर शॉट्स खेल रहा था.” वहीं कोच राहुल द्रविड़ ने मिलने वाले मंत्र के बारे में पंत ने आगे कहा कि द्रविड़ ने मुझसे बस यही कहा था कि गेंद के हिसाब से उसकी मेरिट पर खेलो.

ऋषभ पंत कहते हैं कि अब टेस्ट क्रिकेट रेंग-रेंगकर नहीं खेली जा सकती है. खासकर ऐसी कंडीशन में जहां गेंद स्विंग होती हैं इतनी. अंत में रन ही मायने रखते हैं आपने कितनी गेंद खेली वो नहीं.

ऋषभ पंत 111 गेंद पर 146 रन पर चलते बने. इस पारी के दौरान उन्होंने 20 चौके और 4 छक्के लगाए. वो पार्टटाइम गेंदबाज जो रूट के हाथों आउट हुए.

मगर आउट होने से पहले ही ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के स्पिनर जैक लीच की खूब खबर ली. भारतीय पारी के 61वे ओवर में उन्होंने लीच की तीन गेंद पर 1 चौका और 2 छक्का मार दिया. वहीं उन्हें एक चौका ओवरथ्रो का भी मिला. इस ओवर में उन्होंने कुल 22 रन बनाए.

इस ओवर की आखिरी गेंद पर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने सिर्फ एक हाथ से ही सामने की तरफ एक शानदार छक्का जड़ दिया. एक हाथ छूटने के बावजूद यह छक्का 101 मीटर लंबा था . जैक लीच इस मैच में काफी महंगे साबित हुए हैं और उन्होंने अपने 9 ओवर में 71 रन लुटा दिए हैं . ऐसा लग रहा है कि वह टेस्ट मैच की बजाए टी20 मैच खेल रहे थे.

Read Also: ‘तलवार से हमेशा Pujara को ही काटना चाहते हो, सब उन्हें ही कीड़ा मानते हैं’- Bhajji

error: Content is protected !!