‘भाई देख मैं टीम पर बोझ नहीं बनना चाहता’, शिखर धवन ने दिया बड़ा बयान

भारतीय टीम के लिए सिर्फ एक प्रारूप में खेलने के बावजूद सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को कोई मलाल नहीं है और वह इसमें अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखना चाहते हैं। सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में वेस्टइंडीज दौरे पर एकदिवसीय प्रारूप में टीम की अगुवाई करने वाले धवन ने अपने 37वें जन्मदिन से पहले खुद से वादा किया है कि वह जब तक टीम के लिए उपयोगी रहेंगे तभी तक खेलेंगे।

36 साल के धवन का मानना है कि वह जब तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलेंगे, तब तक टीम इंडिया के लिए एसेट (खास) बनकर खेलेंगे ना कि लाइबिलिटी (बोझ) बनकर। सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में वेस्टइंडीज दौरे पर वनडे टीम की अगुवाई करने वाले धवन ने अपने 37वें जन्मदिन से पहले खुद से वादा किया है कि वह जब तक टीम के लिए उपयोगी रहेंगे तभी तक खेलेंगे।

शिखर धवन ने दिया दिल जीतने वाला बयान
पीटीआई से बातचीत में धवन ने कहा कि मैंने अपने सिस्टम में इस भावना को कभी नहीं आने दिया कि “हे भगवान, मैं केवल एक प्रारूप खेल रहा हूं या मैं लंबे समय के बाद एकदिवसीय श्रृंखला खेल रहा हूं। क्या मेरा शरीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की कठोरता का अच्छा जवाब देगा या नहीं? सच कहूं तो मेरे पास इन विचारों के बारे में सोचने का समय नहीं है।”

शिखर धवन ने आगे कहा कि “अगर मैं भारत के लिए एक प्रारूप खेल रहा हूं, तो मुझे इसका अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश करनी चाहिए और अपना सब कुछ देना चाहिए। मैं टीम के लिए एसेट (खास) बन के खेलना चाहता हूं लायबिलिटी (बोझ) बन के नही। मैं बहुत सकारात्मक व्यक्ति हूं। आपको मेरे शरीर में कोई नकारात्मक चीज नहीं मिलेगी।”

 

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