16 दिन के अंदर भुवनेश्वर कुमार का 3 टीमों ने किया कबाड़ा, रोते हुए दिए दिखाई

क्रिकेट में हर दिन नया होता है. लेकिन, भारतीय गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की रामकहानी पिछले 16 दिन से एक जैसी ही है. मैच बदला, मैदान बदला, विरोधी बदले, हालात बदले पर अगर कुछ नहीं बदला तो वो रहा भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी का ग्राफ, जो कि 20 सितंबर को मोहाली में खेले टी20 मुकाबले में तो और भी डरावने रूप में दिखा. हालांकि, 20 सितंबर की शाम जो हुआ वो बस उस कड़ी का अगला स्टेज है जिसकी शुरुआत 4 सितंबर को दुबई में खेले मैच से हुई थी. मोहाली में भुवी के साथ जो होता दिखा वो गेंद से दुबई में दिखी उनकी लाचारी की आगे की कहानी है.

16 दिन में क्या से क्या हो गए भुवी?

व्हाइट बॉल क्रिकेट में भुवनेश्वर कुमार जाने ही जाते हैं अपनी असरदार और अनुशासित गेंदबाजी के लिए. वो जाने जाते हैं पावरप्ले और डेथ ओवर्स के स्पेशलिस्ट गेंदबाज के तौर पर. पावरप्ले में भुवी अगर ब्रेकथ्रू दिलाने में माहिर रहे हैं और डेथ ओवर्स में वो रन रोकने का काम करते हैं. लेकिन, लगता है कि फिलहाल उनकी इस ताकत को किसी की नजर लग गई है.

डेथ ओवर्स में भुवी की इकॉनमी जैसे पेट्रोल के बढ़ते दाम

दरअसल, जिस डेथ ओवर्स में भुवनेश्वर कुमार को मास्टरी थी, उन्हीं में आजकल उन्हें बड़े जोर के झटके लग रहे हैं. जिस डेथ ओवर्स में उनका इकॉनमी रेट बल्लेबाजों को डराता और विरोधी टीम की हवाईयां उड़ाता था, आज उसमें पेट्रोल के दाम की तरह आग लगी है. जो हर दिन के साथ आसमान छू रहा है. बीते 16 दिनों में ऐसा तीसरी बार हो चुका है. अब आप पूछेंगे कि कैसे तो ये आंकड़े देख लीजिए.

हर मैच के साथ डेथ ओवर्स इकॉनमी का बढ़ता ग्राफ

डेथ ओवर्स में भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी पहली बार सवालों के घेरे में 4 सितंबर को आई जब एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान से मैच खेला. इस मुकाबले में भुवी की डेथ ओवर्स में इकॉनमी 11.5 की रही. इसके बाद अगले ही मैच में श्रीलंका के खिलाफ डेथ ओवर्स में भुवी फिर पिटे तो सवालों ने और ज्यादा तूल पकड़ लिया. उनकी इकॉनमी पेट्रोल के भाव की तरह डेथ ओवर्स में श्रीलंका के खिलाफ बढ़कर 14 की हो गई. इन कड़वी यादों के साथ भुवी के लिए एशिया कप खत्म हुआ.

उम्मीद थी कि भारतीय मैदान पर भुवी डेथ ओवर्स में अपनी दशा सुधारेंगे. लेकिन, मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भुवी की हालत एशिया कप से भी बुरी दिखी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली टी20 में उन्होंने 4 ओवर में 52 रन दिए. अपने T20I करियर में उन्होंने पहली बार 50 प्लस रन दिए. ओवरऑल इकॉनमी रेट जहां 12 से ऊपर का रहा वहीं डेथ ओवर्स में भुवी की इकॉनमी 15 की रही.

मतलब पिछले 16 दिनों में वो 3 मैचों में मैदान में उतरे और हरेक में डेथ ओवर्स का इकॉनमी रेट घटने के बजाए बढ़ता ही गया. T20 वर्ल्ड कप के नजरिए से यही चीज खटक रही है और टीम इंडिया की टेंशन को टाइट किए है.

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