6 शतक, 3 दोहरे शतक, 1 ट्रिपल सेंचुरी…10 मैच में 1700 रन, फिर भी टीम इंडिया में आने को तरसा

भारत के सबसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले जा रहे हैं. इनमें से आठ टीमें आमने-सामने हैं. क्वाटर फाइनल में मुंबई का मुकाबला उत्तराखंड से हो रहा है. इस मैच में मुंबई ने एक युवा खिलाड़ी को मौका दिया और इस युवा खिलाड़ी ने डेब्यू मैच में ही दोहरा शतक ठोक दिया.

सुवेद पारकर (Suved Parkar) का ये पहला फर्स्ट क्लास मैच है. मुंबई की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 647 रनों का स्कोर खड़ा किया. मैच में सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ फ्लॉप रहे, वह 21 रन बनाकर आउट हो गए. पारकर का साथ दिया सरफराज खान ने.

सरफराज ने इस मैच में 153 रनों की पारी खेली. उन्होंने अपनी पारी में 205 रन बनाए और 14 चौकों के अलावा चार छक्के लगाये. सरफराज ही पहले दिन पारकर के साथ नाबाद लौटे थे. उन्होंने 69 रनों से अपनी पारी को आगे बढ़ाया. वह हालांकि मयंक मिश्रा का शिकार हो गए. पारकर के साथ मिलकर सरफराज ने 267 रनों की साझेदारी की. इसके बाद शम्स मुलानी ने 59 रनों का पारी खेली.

सुवेद पारकर (Suved Parkar) ने डेब्यू मैच में 252 रन की शानदार पारी खेली. सरफराज के फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 2000 रन पूरे हो गए हैं। उन्होंने ये रन 80 + की औसत से बनाए हैं, जोकि डॉन ब्रैडमैन (Don Bradman) के बाद दूसरा बेस्ट औसत है. ब्रैडमैन ने 95.14 की औसत से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 2000 रन पूरे किए थे. वहीं, विजय मर्चंट ने 71.64 से जॉर्ज हेडली ने 69.86 की औसत से और बहिर शाह ने 69.02 की औसत से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने 2000 रन पूरे किए थे.

सरफराज ने अपने पहले सात शतकों में सभी में 150 से अधिक का स्कोर किया है. वह रणजी ट्रॉफी में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले बल्लेबाज हैं. ये कारनामा इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट के 87 साल के इतिहास में सरफराज से पहले कोई नहीं कर पाया था.

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