इन 3 खिलाड़ियों को बाहर कर पर्सनल दुश्मनी निभा रहे हैं राहुल द्रविड़

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम का कोच होना किसी बहुत बड़ी जिम्मेदारी से कम नहीं है क्योंकि जब आप एक टीम के कोच होते हैं तो आप खुद के द्वारा पूरे टीम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करवा रहे होते हैं। अगर यह टीम भारत है तो यह दायित्व और ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि भारत में क्रिकेट को लोग धर्म की तरह पूजते हैं। भारतीय कोच बनने के साथ ही बड़ी जिम्मेदारियां भी आती हैं और बहुत सारे लोग इस जिम्मेदारी को संभाल भी नहीं पाते हैं।

वर्तमान समय में टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) हैं जिनकी कोचिंग में भारतीय टीम अच्छा कर रही है लेकिन उनकी कोचिंग में 3 ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है लेकिन रवि शास्त्री (Ravi Shastri) की कोचिंग में इन खिलाड़ियों को भरपूर मौके मिलते थे। आइये जानते हैं, इन तीन खिलाड़ियों के बारे में।

कुलदीप यादव

इस लिस्ट में पहला नाम कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) का है, जिन्होंने विराट कोहली  की कप्तानी में डेब्यू किया था। कोहली जब तक टीम के कप्तान थे तब तक रवि शास्त्री (Ravi Shastri) भी टीम इंडिया के हेड कोच थे। आंकड़ों के मुताबिक कोहली की कप्तानी और शास्त्री की कोचिंग में कुलदीप को भरपूर मौके मिले लेकिन राहुल द्रविड़  के कोच बनने के बाद यह खिलाड़ी टीम इंडिया में जगह बनाने को तरस गया है।

कुलदीप ने कोहली की कप्तानी में 2017 से लेकर 2021 तक कुल 75 मुकाबले खेले और इस दौरान उन्होंने कुल 140 विकेट भी हासिल किये हैं जबकि रोहित की कप्तानी में कुलदीप ने 16 मुकाबले खेले और मात्र 26 विकेट ही चटकाए। इसके साथ ही कुलदीप को अब प्लेइंग 11 में भी मौके नहीं दिए जाते हैं। इस साल उन्होंने रोहित की कप्तानी और द्रविड़ की कोचिंग में कुल 6 मैचों में ही खेलने का मौका मिला जहाँ कुलदीप ने 8 विकेट चटकाए।

श्रेयस अय्यर

इस लिस्ट में दूसरा नाम श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) का है, जिन्होंने विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में डेब्यू किया था। कोहली जब तक टीम के कप्तान थे तब तक रवि शास्त्री (Ravi Shastri) भी टीम इंडिया के हेड कोच थे। आंकड़ों के मुताबिक कोहली की कप्तानी और शास्त्री की कोचिंग में अय्यर को भरपूर मौके मिले लेकिन राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के कोच बनने के बाद यह खिलाड़ी टीम इंडिया में जगह बनाने को तरस गया है। यहाँ तक कि विश्व कप की टीम में भी इस खिलाड़ी को स्टैंड बाई प्लेयर के तौर पर शामिल किया गया है।

श्रेयस अय्यर ने साल 2017 में कोहली की कप्तानी में डेब्यू किया था और उनकी कप्तानी में इस खिलाड़ी ने कुल 42 मैचों में 8 अर्धशतक और 1 शतक की मदद से कुल 1038 रन बनाए लेकिन द्रविड़-रोहित का युग आते ही यह खिलाड़ी नजरअंदाज होने लगा। अय्यर को टीम में लगातर मौके नहीं मिल रहे हैं। इस साल उन्होंने रोहित की कप्तानी और द्रविड़ की कोचिंग में कुल 25 मुकाबले खेले हैं और अब तक 9 अर्धशतक की मदद से 964 रन बनाए हैं। इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद इस खिलाड़ी को मौका ना मिलना सवाल खड़े जरूर करेगा।

खलील अहमद

इस लिस्ट में तीसरा नाम खलील अहमद (Khaleel Ahmed) का है, जिन्होंने विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में डेब्यू किया था। आंकड़ों के मुताबिक कोहली की कप्तानी और रवि शास्त्री (Ravi Shastri) की कोचिंग में खलील को भरपूर मौके मिले लेकिन राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के कोच बनने के बाद यह खिलाड़ी टीम इंडिया में जगह बनाने को तरस गया है।

कोहली की कप्तानी में उन्होंने 8 वनडे में 11 विकेट जबकि 8 टी20 में 7 विकेट हासिल किये। उन्होंने 2019 में आखिरी बार भारत के लिए खेला था लेकिन उसके बाद से खलील को टीम इंडिया में जगह नहीं मिल रही है। यहां तक कि कोच द्रविड़ भी इस खिलाड़ी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

error: Content is protected !!